सतना में बड़ा फर्जीवाड़ा: जिंदा बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ दिखाया, पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप
सतना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने के लिए एक 85 वर्षीय जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। इस गंभीर मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि बुजुर्ग के ही भतीजे ने नगर निगम कर्मचारियों, एक पार्षद और पटवारी की मिलीभगत से यह साजिश रची। इसके तहत सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर बुजुर्ग को मृत दिखा दिया गया, ताकि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा किया जा सके।
फर्जी दस्तावेजों से रचा गया खेल
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। दस्तावेजों में गलत प्रविष्टि कर बुजुर्ग को मृत घोषित कर उनकी जमीन के कागजात बदलने की कोशिश की गई। जब इसकी जानकारी परिवार को लगी तो उन्होंने प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई।
खुलासे के बाद मचा हड़कंप
मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ जमीन हड़पने का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित भ्रष्टाचार का उदाहरण है, जिसमें सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही बुजुर्ग की वास्तविक स्थिति को दस्तावेजों में सुधारने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।