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Ranchi शालीमार हाट में 500 दुकानों से चार गुना मासूल वसूली, हंगामा

 
झारखंड न्यूज़ डेस्क, एचईसी के सेक्टर तीन में शालीमार साप्ताहिक हाट में ठेकेदार द्वारा मनमाना मासूली वसूली का मंगलवार को दुकानदारों ने विरोध किया। इस कारण तीन घंटे से अधिक समय तक हाट में दुकानें बंद रहीं। इस मसले को लेकर करीब पांच सौ दुकानदारों ने सुबह आठ से दिन के 10 बजे तक हल्ला-हंगामा किया। सभी दुकानदार धुर्वा थाना पहुंचे और वहां भी प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने बताया कि तय दर से दो से चार गुणा अधिक की वसूली ठेकेदार द्वारा कराई जाती है। एचईसी टाउनशिप विभाग ने प्रति दुकान 20 रुपए तय किए हैं, लेकिन ठेकेदार 40 से 60 रुपए प्रति दुकान के हिसाब से वसूली करता है। थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह द्वारा भरोसा दिए जाने के बाद सभी दुकानदार शालीमार बाजार पहुंचे, जहां धुर्वा थाना पुलिस, पूर्व पार्षद निरंजन कुमार, बमबम कुमार, वेदप्रकाश सिंह समेत अन्य की मौजूदगी में बैठक हुई। पुलिस की ओर से आगे से ठेकेदार द्वारा मनमानी नहीं करने का भरोसा मिला। इसके बाद दुकानदारों ने दुकानों शुरू की।

दुकानदारों का आरोप

● तय दर से दो से चार गुणा अधिक मासूल की वसूली की जा रही

● महापर्व छठ और मकर संक्रांति पर दुकानदारों से एक-एक हजार रुपए लिए गए

● विरोध करने पर ठेकेदार के आदमी दबंगई दुकान बंद करने की धमकी देते हैं

● मासूल वसूलने वाले दुकानदारों के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं

तीन बाजारों से ठेकेदार वसूलता है पैसा

शालीमार साप्ताहिक हाट में मंगलवार और शुक्रवार को पांच सौ से अधिक दुकानें लगती हैं। पूर्व वार्ड पार्षद कृष्णा महतो ने बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी में एचईसी नगर प्रशासन विभाग की ओर से मेसर्स राज फन एंड आर्ट को शालीमार हाट, सेक्टर दो एवं धुर्वा में लगने वाले डेली मार्केट में मासूल वसूली का ठेका दिया गया है।

हाट में दैनिक जरूरत के सामान समेत सब्जी, फल और मटन, चिकेन, मछली की कई दुकानें लगती हैं। उन्होंने बताया कि

चार माह से अधिक समय से ठेकेदार कर रहा मनमानी

दुकानदारों का आरोप है कि बाजार से मासूल की वसूली करने वाली सेक्टर एक की ठेका कंपनी मेसर्स राज फन एंड आर्ट के ठेकेदार और उसके आदमी पिछले चार माह से अधिक समय से मनमानी कर रहे हैं। इस कारण दुकानदार आहत हैं। दुकानदारों ने बताया कि महापर्व छठ और मकर संक्रांति पर पूजा सामग्री समेत तिलकुट की दुकान लगाने वाले दुकानदारों से प्रति दुकान एक-एक हजार रुपए तक मासूल लिए गए। विरोध करने पर ठेकेदार के आदमी दबंगई पर उतारू हो जाते हैं और दुकान बंद करने की धमकी देते हैं। इस दौरान मासूल वसूलने वाले दुकानदारों के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं और देख लेने की धमकी भी देते हैं।रांची न्यूज़ डेस्क!!!