चांदी के दामों में भारी गिरावट 8 दिन में ₹22 हजार की टूट, सोना भी ₹2749 गिरकर हुआ सस्ता, खरीदने से पहले जाने लेटेस्ट प्राइस
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण आज 8 जून को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24-कैरेट सोने के 10 ग्राम का भाव ₹2,749 गिरकर ₹1.51 लाख हो गया। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत ₹12,608 गिरकर ₹2.44 लाख हो गई। 31 मई को चांदी की कीमत ₹2,63,350 थी। जानकारों का कहना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण लोग बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और कैश जमा कर रहे हैं।
**चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से ₹1.45 लाख गिरी**
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। 31 दिसंबर, 2025 को सोने की कीमत ₹1.33 लाख थी और 29 जनवरी को यह ₹1.76 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। तब से सोना ₹25,000 सस्ता हो गया है। इसी तरह, 31 दिसंबर, 2025 को चांदी की कीमत ₹2.30 लाख थी और 29 जनवरी को यह ₹3.86 लाख के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। तब से, 130 दिनों में चांदी की कीमत में ₹1.42 लाख की गिरावट आई है। गौरतलब है कि इस महीने के शुरुआती आठ दिनों में ही चांदी की कीमत ₹19,000 गिरी है।
**गिरावट के मुख्य कारण: धातुओं के बजाय 'कैश' को प्राथमिकता**
आमतौर पर युद्ध के समय सोने और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:
* **कैश सेविंग्स:** मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। वे अनिश्चित समय में लिक्विड फंड (आसानी से इस्तेमाल होने वाला पैसा) बनाए रखने के लिए अपना सोना और चांदी बेचकर कैश जमा कर रहे हैं।
* **प्रॉफिट बुकिंग:** जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं; नतीजतन, बड़े निवेशकों ने ऊंची कीमतों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई, जिससे कीमतों में गिरावट आई।