Malmas 2026: मलमास में बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार उपाय, दूर रहेगी नकारात्मक ऊर्जा
हिंदू धर्म में मलमास या अधिक मास को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक कार्यों पर खास जोर दिया जाता है। मान्यता है कि मलमास के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी बढ़ सकता है, इसलिए छोटे बच्चों को बुरी नजर और नजर दोष से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अक्सर माना जाता है कि छोटे बच्चे जल्दी नजर दोष की चपेट में आ जाते हैं, जिससे वे चिड़चिड़े हो सकते हैं, अचानक रोने लगते हैं या उनकी तबीयत बार-बार खराब होने लगती है। ऐसे में कुछ पारंपरिक उपाय बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से बचाने में मददगार माने जाते हैं। आइए जानते हैं मलमास में बच्चों की सुरक्षा के लिए बताए गए 5 आसान और प्रभावी उपाय।
1. बच्चों को लगाएं काला टीका
बुरी नजर से बचाने के लिए बच्चों को काला टीका लगाना बेहद पुरानी परंपरा मानी जाती है। मान्यता है कि कान के पीछे, पैर के तलवे या ठोड़ी पर छोटा सा काला टीका लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। खासकर मलमास के दौरान यह उपाय काफी लाभकारी माना जाता है।
2. नींबू-मिर्च का करें उपयोग
घर के मुख्य दरवाजे पर नींबू और हरी मिर्च टांगने की परंपरा भी नजर दोष से बचाव के लिए की जाती है। माना जाता है कि इससे घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और बच्चों पर बुरी नजर का असर कम पड़ता है। कई लोग बच्चों के कमरे के बाहर भी यह उपाय करते हैं।
3. नमक से करें नजर उतारना
अगर बच्चा अचानक बेचैन रहने लगे या बार-बार रोने लगे, तो एक मुट्ठी नमक लेकर उसके ऊपर से सात बार उतारकर बहते पानी में बहा दें या बाहर फेंक दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह उपाय नजर दोष को दूर करने में मदद करता है और बच्चे को राहत मिलती है।
4. काला धागा बांधना माना जाता है शुभ
बच्चों के हाथ, पैर या कमर में काला धागा बांधने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। माना जाता है कि काला धागा नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने का काम करता है और बच्चे को बुरी नजर से बचाता है। मलमास के दौरान यह उपाय विशेष रूप से किया जाता है।
5. हनुमान चालीसा और पूजा-पाठ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने और भगवान हनुमान की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। मलमास में बच्चों के पास सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए सुबह-शाम दीपक जलाना और मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
रखें इन बातों का भी ध्यान
बच्चों की सुरक्षा के लिए धार्मिक उपायों के साथ-साथ उनकी सेहत और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। अगर बच्चा लगातार बीमार हो या किसी तरह की परेशानी महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
मलमास में किए गए ये पारंपरिक उपाय आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। कई लोग इन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए अपनाते हैं। माना जाता है कि सही देखभाल और सकारात्मक वातावरण बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।