चार पंखों वाले डायनासोर का रहस्य उजागर, वैज्ञानिक भी हैरान; विकासक्रम पर फिर छिड़ी बहस
वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसे डायनासोर के जीवाश्म की खोज की है, जिसके चार पंख होने का दावा किया जा रहा है। इस अनोखी खोज ने जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलॉजी) के क्षेत्र में हलचल मचा दी है और विशेषज्ञों को इसके विकासक्रम को लेकर नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह जीवाश्म एक छोटे आकार के पंखधारी डायनासोर का हो सकता है, जिसके आगे और पीछे दोनों अंगों पर पंख जैसी संरचनाएं पाई गई हैं। यह विशेषता इसे अब तक मिले अधिकांश पंखधारी डायनासोर से अलग बनाती है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे जीवों में केवल दो पंख ही पाए जाते हैं।
वैज्ञानिक इस संभावना पर भी अध्ययन कर रहे हैं कि क्या ये अतिरिक्त पंख उड़ान में सहायता करते थे या फिर यह केवल संतुलन बनाए रखने और हवा में ग्लाइडिंग (फिसलने) के लिए विकसित हुए थे। शुरुआती विश्लेषण में माना जा रहा है कि यह जीव उड़ान के विकास की प्रारंभिक अवस्था से जुड़ा हो सकता है।
इस खोज के बाद वैज्ञानिक समुदाय में नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीवाश्म डायनासोर से पक्षियों के विकास की कड़ी को समझने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
फिलहाल शोधकर्ता जीवाश्म के विस्तृत विश्लेषण में जुटे हैं। उनका कहना है कि आगे की जांच के बाद ही इस प्राचीन जीव की संरचना, व्यवहार और उड़ान क्षमता को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष सामने आ सकेंगे।

