निर्जला एकादशी 2026: सबसे बड़ी एकादशी मानी जाती है, जानिए इसका महत्व और दान का फल
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। इनमें Nirjala Ekadashi को सबसे कठिन और सबसे फलदायी एकादशी माना जाता है। यह एकादशी जून महीने में पड़ती है और इसे “सबसे बड़ी एकादशी” भी कहा जाता है।
🌿 क्यों खास है निर्जला एकादशी?
निर्जला एकादशी का अर्थ है बिना जल ग्रहण किए व्रत रखना। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
🙏 दान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान कई गुना फल देने वाला होता है। कहा जाता है कि निर्जला एकादशी पर जल, भोजन, वस्त्र और जरूरतमंदों को दिया गया दान विशेष पुण्य प्रदान करता है।
🪔 क्या दान करना शुभ माना जाता है?
- पानी और शरबत का दान
- अन्न और फल का दान
- वस्त्र और छाया (छाता) का दान
- जरूरतमंदों की सहायता
🌟 धार्मिक मान्यता
शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को भीमसेन एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि महाभारत काल में भीम ने यह कठिन व्रत किया था।

