वैज्ञानिकों ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले समय में El Niño का एक मजबूत या “सुपर” रूप विकसित हो सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
क्या है सुपर अल नीनो?
El Niño एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। जब यह प्रभाव बेहद मजबूत होता है, तो इसे कई बार “सुपर El Niño” कहा जाता है, जो मौसम पैटर्न को बड़े स्तर पर प्रभावित करता है।
क्या हो सकते हैं असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके प्रभाव से:
- दुनिया भर में भीषण गर्मी बढ़ सकती है
- कई क्षेत्रों में सूखा पड़ सकता है
- कहीं-कहीं भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बन सकती है
- कृषि उत्पादन और जल संसाधनों पर बड़ा असर पड़ सकता है
भारत पर क्या असर संभव?
India में मानसून पैटर्न प्रभावित होने की आशंका रहती है। इससे बारिश का वितरण असमान हो सकता है, जिसका असर खेती और पानी की उपलब्धता पर पड़ सकता है।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति मजबूत होती है, तो यह हाल के वर्षों में दर्ज सबसे गर्म मौसम की घटनाओं को भी पीछे छोड़ सकती है।

