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भीलवाड़ा : टेंडर से रोकने लूट का ड्रामा; ठेकेदार का 2.50 लाख से भरा बैग छीना, फुटेज में दिखा तो लौटाया

भीलवाड़ा : टेंडर से रोकने लूट का ड्रामा; ठेकेदार का 2.50 लाख से भरा बैग छीना, फुटेज में दिखा तो लौटाया

नगर परिषद में गुरुवार काे हुई ऑनलाइन निविदाओं में गड़बड़ी के चलते ठेकेदाराें के बीच 27 मिनट की नकली लूट का नाटकीय घटनाक्रम हुआ है। ठेकेदार का पैसाें से भरा बैग पहले नाटकीय ढंग से लूटना औऱ् बाद में पुलिस के पहुंचते ही बैग का 27 मिनट बाद ही मिल जाना सवालाें के घेरे में हैं। परिषद प्रबंधन इसे मामूली विवाद समझकर टालता रहा। इससे गड़बड़ सिस्टम की पाेल खुल गई है। गुरुवार काे ऑटो टिपर के लिए वाहन चालक उपलब्ध कराने के 48.50 लाख रुपए टेंडर में हुए हुए विवाद में ताे एक ठेकेदार दूसरे ठेकेदार का ढाई लाख रुपए का बैग लेकर भाग गया।यह बैग लेकर इसलिए भागा क्याेंकि वे चाहता था कि संबंधित ठेकेदार निर्धारित समय तक यह राशि परिषद में जमा नहीं करा सके। परिषद में हुई इस घटना के हंगामा हाे गया। आखिर सभापति राकेश पाठक के पास मामला पहुंचा ताे तुरंत पुलिस बुलाई। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें सामने आया कि अजमेर से आया एक ठेकेदार भी इस निविदा प्रक्रिया में भाग लेना चाहता था लेकिन उसे राेकने का प्रयास किया गया।
काैशल कुमार : अजमेर की समता ट्रेडर्स के प्रतिनिधि है। परिषद में काॅपी जमा कराने आए थे। यहां आते ही गेट पर ढाई लाख रुपए का बैग लेकर भाग गए। इन्हाेंने बताया कि मेरा बैग काैन ले गया मुझे पता नहीं।
महादेव लाेट : नगर परिषद में अभी ऑटाे टिपर चालक के लिए जिस फर्म की निविदा हाे रखी है। इस फर्म के सुपरवाइजर लाेट ने कहा कि परिषद में बैग लेकर भागने की घटना से मेरा काेई संबंध नहीं है। ठेकेदाराें की दादागिरी : पूरा सिस्टम माैजूद, फिर इतनी ढील क्याें… नगर परिषद में गुरुवार काे हुई घटना में परिषद के निविदा प्रक्रिया की पाेल खाेल दी है। सवाल यही है कि ऑफलाइन प्रक्रिया में ठेकेदाराें का पूल संभव था लेकिन अब ठेकेदाराें के बीच ऑनलाइन निविदा में भी पूल करने लिए ऐसा किया गया। इस प्रक्रिया में ठेकेदार की मनमर्जी हावी रही।
सुरक्षा में चूक : बैग लेकर भागा, पुलिस पहुंची ताे मिल गया…नगर परिषद में नाटकीय ढंग से हुई घटना में चूक सामने आई है। पहलेे ताे बुजुर्ग ठेकेदार का बैग लेकर भागे जिसमें रुपए थे। यह काम ठेकेदाराें ने ही किया।
सिस्टम की खामी : ऑफलाइन काॅपी भाैतिक सत्यापन के लिए जमा…ऑनलाइन निविदा के बाद ऑफलाइन काॅपी भाैतिक सत्यापन के लिए जमा हाेती है। साथ में अमाउंट भी जमा हाेता है। नगर परिषद में कई बार ठेकेदारों में पूल व गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं।
निविदा सभी के लिए है न कि किसी एक ठेकेदार के लिए। पीड़ित के लिए बाकायदा पुलिस बुलाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बाद में पीड़ित और आरोपी पक्ष के बीच समझौता कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं है। उसका रुपए का बैग वापस मिल गया है।
किसी ठेकेदार के साथ ही नहीं बल्कि किसी अाम अादमी के साथ भी परिषद के अंदर इस तरह की वारदात हाेती है ताे यह गंभीर है। इसकाे लेकर हमने परिषद की अाैर से मुकदमा दर्ज करा दिया है। दाेषियाें के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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