×

नालंदा : नियोजित कर्मियों का हंगामा, आज डीएम का घेराव:स्वास्थ्य विभाग में पैसे लेकर मनमाने ढंग से बांटी गईं 780 नौकरियों की जांच के बाद बहाली रद्द, सिविल सर्जन पर कार्रवाई की सिफारिश

नालंदा : नियोजित कर्मियों का हंगामा, आज डीएम का घेराव:स्वास्थ्य विभाग में पैसे लेकर मनमाने ढंग से बांटी गईं 780 नौकरियों की जांच के बाद बहाली रद्द, सिविल सर्जन पर कार्रवाई की सिफारिश

 चिकित्सक व पारा मेडिकल स्टाफ के पदाें पर हाल में हुई इन सभी बहालियाें काे सीएस डॉ. एसके चौधरी ने नियाेजन की तिथि से ही रद्द कर दिया। नियोजन में बड़े पैमाने पर धांधली-रिश्वतखोरी की शिकायत व एक आवेदक का ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की थी।मुजफ्फरपुर में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्राें में 780 पदों पर हुए नियाेजन को गुरुवार काे रद्द कर दिया गया।

डीडीसी के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने नियाेजन में भारी गड़बड़ी बताते हुए बुधवार काे नियाेजन रद्द करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद डीएम ने सीएस को आदेश जारी किया। डीएम प्रणव कुमार ने मुख्यालय को बहाली प्रक्रिया में भारी अनियमितता की रिपोर्ट भेज सरकार से सिविल सर्जन पर कार्रवाई की अनुशंसा की है। यह पूछने पर कि क्या निलंबन के लिए विभाग को लिखा गया है, डीएम ने कहा- विभाग अपने स्तर पर जो निर्णय ले। एक ऑडियो उनके संज्ञान में आया था, लेकिन उस पर क्या कार्रवाई हुई यह पता नहीं है।

अनदेखी -नियाेजन में अभ्यर्थियों की मेरिट, अनुभव और तकनीकी कौशल की भी परख नहीं

डीएम ने यह भी कहा है कि नियाेजन में मेरिट, अनुभव व तकनीकी कौशल पर ध्यान नहीं दिया गया। मसलन- डाटा इंट्री ऑपरेटर का नियोजन बिना किसी तकनीकी जांच के कर लिया गया। नियाेजन प्रक्रिया पारदर्शी भी नहीं रखी गई। इससे स्पष्ट है कि नियोजन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है।

राज्य स्वास्थ्य मुख्यालय ने सीएस को बढ़ते कोरोना काल में आवश्यकता के अनुसार डाॅक्टर, एएनएम, जीएनएम, वार्ड बॉय, डाटा इंट्री ऑपरेटर अादि का नियोजन 3 महीने के लिए करने का निर्देश दिया था। सीएस कार्यालय ने दीवार पर ही वैकेंसी चस्पा कर 780 पदों पर नियाेजन कर लिया। नियाेजन में शुरू से ही गड़बड़ी की शिकायत आने लगी। फिर एक महिला आवेदक से 30 हजार मांगने का ऑडियो वायरल हुआ।

Share this story